Rajasthan Lumpy Skin Disease लम्पी वायरस के लक्षण और उपचार

By | August 9, 2022

Rajasthan Lumpy Skin Disease. लम्पी वायरस के लक्षण और उपचार। गायों में फैल रही लम्पी स्किन बीमारी क्या है।  लम्पी स्किन डिजीज के लक्षण, Lumpy Skin Disease का देशी उपचार । लम्पी वायरस से गायों को कैसे बचाये?

डिजिटल सूचना – राजस्थान और गुजरात में गोवंश में एक वायरस जनित बीमारी फ़ैल रही है। जिसे लम्पी बीमारी का नाम दिया गया है। इस आर्टिकल में किसान भाइयो व जितने भी गोवंश पालक है। उनको जानकारी उपलब्ध करवाई गयी है। की लम्पी बीमारी क्या है। इसके लक्षण एवं उपचार क्या है। और अपने पशु को इस बीमारी से कैसे बचाये।

Rajasthan Lumpy Skin Disease लम्पी वायरस के लक्षण और उपचार

गायों में फैल रही लम्पी स्किन बीमारी क्या है।

राजस्थान के अधिकतर जिलों में खतरनाक बीमारी लम्पी वायरस फ़ैल रहा है। यह बीमारी गोवंश को ज्यादा नुकसान पंहुचा रही है। माना जाये तो यह गोवंश की बीमारी है। इस बीमारी से गाय के सरीर पर गांठे सी बन जाती है। और समय के साथ गांठे बड़ी होकर घाव में बदल जाती है। यह एक वायरस जनित बीमारी है। कोरोना के पश्चात सभी जान गए है। की वायरस का कोई इलाज नहीं है। इसका तो बचाव ही इलाज है। लम्पी बीमारी भी गाय के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर है। अगर इम्युनिटी पावर अच्छा है। तो गाय कुछ समय में सही हो जाती है। और नहीं तो लम्बे समय तक बीमार रह सकती है। और गाय की मौत भी हो सकती है। पशुपालक पशु चिकित्सक की सलाह भी ले सकते है। गायो की प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाये और उपचार के बारे में आगे बताया गया है।

 

Disease Name Rajasthan Lumpy Skin Disease
Effected area Rajasthan Gujrat
Article About Rajasthan Lumpy Skin Disease लम्पी वायरस के लक्षण और उपचार
First UPCHAR Vaccination
Our Website digitalsuchana.com
Official Website animalhusbandry.rajasthan.gov.in

Rajasthan Lumpy Skin Disease ( LSD ) क्या है।

यह एक पशुओ में फैलने वाली वायरस जनित बीमारी है। केप्रीपोक्स वायरस परिवार से सम्बंधित वायरस है। Rajasthan Lumpy Skin Disease पॉक्स वायरस संक्रमण से फैलती है। यह पशु में गाय पर अधिक प्रभाव डालती है। वर्तमान में गुजरात और राजस्थान में लम्पी बीमारी का असर देखने को मिल रहा है। लम्पी वायरस से पशु में त्वचा रोग /स्किन रोग /चर्म रोग होता है। जिससे पुरे शरीर पर गांठे पड़ जाती है। भारत में लम्पी का पहला केस मयूरभंज ओडिशा में August 2019 को आया था। .भारत में सर्वाधिक गोवंश है। जिसका आकड़ा लगभग 30 करोड़ के आस – पास है। यह रोग पशुओ में लार दूषित पानी मछर एवं मखियों से फैलता है। जिसके द्वारा एक पशु से दूसरे पशु में फैलता है।

लम्पी वायरस के लक्षण और उपचार

पशुओ में वायरस अभी गोवंश को अधिक नुकसान पंहुचा रहा है। पशुपालक सावधानी रखे दूसरे पशुओ में भी फ़ैल सकता है।
लम्पी वायरस के लक्षण निम्न है।
1 शरीर पर 2 से 5 सेंटीमीटर की गांठे पड़ जाती है। जो धीरे धीरे बड़ी हो जाती है। और घाव बन जाता है। जिसमे से खून आने लग जाता है। सिक्के के आकर के घाव हो जाते है।

2 पशु के बुखार आ जाती है। पशु चारा खाना काम कर देता है।

3 दूध के उत्पादन में कमी होने लग जाती है।

4 आँखों से पानी आने लग जाता है।

लम्पी स्किन बीमारी का उपचार

वैसे तो वायरस का कोई इलाज नहीं है।

कोरोना महामारी कीतरह यह भी एक महामारी है। जिसका भी टीकाकरण / वेक्सिनेशन ही उपाय है।

पशु चिकित्स्क से टीकाकरण करवाए जल्दी से।

गोवंश की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये

अगर पशु के लम्पी बीमारी हो गयी है तो पशु चिकित्स्क की सलाह ले।

पशुपालक भाइयो के लिए कुछ देशी उपचार आगे बताए गए है। जिनकी सहायता से पशु की इम्युनिटी पावर को बढ़ा सकते है।  और जिनके उपयोग से रोग को जल्द ही दूर कर सकते है।

Lumpy Skin Disease का देशी उपचार

गोवंश की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए

सूखे आवंले का चूर्ण खिलाये।

गिलोय के पते खिलाये पते नहीं खा रहे है। तो इनका रस निकाल के पिलाये। गिलोय एक बेल होती है। जिसकी जानकारी कोरोना में लगभग

सभी को मालूम हो गयी।

पशु को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा खिलाये एवं पोस्टिक आहार दे।

पशु को लम्पि बीमारी हो गयी है तो
हल्दी एवं नमक को पानी में उबालकर पानी को ठंडा करके गांठो पर छिड़काव करे पशु को पिलाना नहीं है। हल्दी नमक की मात्रा एवं पानी की मात्रा को एक निश्चित अनुपात में ले । जैसे की 5 लीटर पानी में 100 gram हल्दी एवं 50 ग्राम नमक ले पशु की आगे के आधार पर काम ज्यादा भी ले सकते है।

5 लीटर पानी में 100 gram फिटकरी को घोलकर छिड़काव करे

100 Gram देशी गाय का घी

 50 Gram काली मिर्च, 50 Gram हल्दी पाउडर

50 ग्राम शक़्कर के लाडू बनाके खिलाये।

जरुरी जानकारी गर्भवती पशु को काम मात्रा में खिलाये या पशु चिकित्स्क की राय लेकर ही खिलाये।

यह उपचार पशुओ पर अपनाया गया है एवं सफल रहा है। जिससे पशु जल्दी स्वस्थ हो रहे है।

लम्पी वायरस से गायों को कैसे बचाये?

महामारी जो करना बीमारी की तरह फ़ैल रही है। इसका बचाव भी कोरोना की तरह ही है। पशुओ के टीकाकरण करवाए। पशुओ को दूर दूर रखे। मछर एवं मखियों को भगाने के लिए पशुओ के आसपास धुँआ करे जैसे की कपूर डालकर। इनको भगाने या मारने के लिए छिड़काव करे। पशुओ की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाये। पशुओ को अच्छा हरा चारा खिलाये। साफ़ पानी पिलाये पशुओ को अलग अलग ही पानी पिलाये एवं एक ही पात्र में पानी न पिलाये। बीमार पशु को आइसोलेट करे ,अथार्त स्वस्थ पशु से दूर रखे। लम्पी स्किन बीमारी आपके पशु पर कितने दिन भी रह सकती है। अच्छी देख रेख से आपका पशु 8 से 10 दिन में स्वस्थ हो जायेगा। यह बीमारी जानवरो से मनुष्यो में नहीं फैलती है।

सभी नागरिको से अपील है की किसी को इस बीमारी के आवारा पशु में लक्षण दिखे तो उसे मिलकर अलग रखे। और नजदीकी गौशाला में अपना योगदान दे अगर लम्पी बीमारी आ गयी है तो गायो की सेवा करे। जानकारी शेयर करे आप उन्हें मारने से बचा सकते है।

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